अपडेट: 22 सितंबर 2026
पट सुबह 4:00 बजे भस्म आरती के साथ खुलते हैं और रात लगभग 23:00 बजे शयन आरती के बाद बंद होते हैं। आरतियों के बीच दर्शन चलते रहते हैं; दोपहर में मंदिर बंद नहीं होता।
पाँच आरतियाँ, दो सारणियाँ
समय सारणी ग्रेगोरियन नहीं, हिंदू पंचांग से चलती है। गर्मी की सारणी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से आश्विन पूर्णिमा तक और सर्दी की कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा से फाल्गुन पूर्णिमा तक रहती है। भस्म और शयन आरती का समय साल भर एक-सा रहता है; बीच की तीन आरतियाँ आधे घंटे खिसकती हैं।
| आरती | गर्मी | सर्दी |
|---|---|---|
| भस्म आरती | 04:00 – 06:00 | 04:00 – 06:00 |
| दद्योदक (बाल भोग) | 07:00 – 07:45 | 07:30 – 08:15 |
| भोग आरती | 10:00 – 10:45 | 10:30 – 11:15 |
| संध्या आरती | 19:00 – 19:45 | 18:30 – 19:15 |
| शयन आरती | 22:30 – 23:00 | 22:30 – 23:00 |
सारणी उस पूर्णिमा के अगले दिन बदलती है, जिस पर साल का आधा हिस्सा पूरा होता है। हमारे कैलेंडर में दोनों बदलाव की तारीख़ें हैं, जिससे पता चल जाएगा कि आपकी यात्रा पर कौन सी सारणी लागू होगी।
श्रावण में घड़ी पहले चलती है
श्रावण और भादौ में पट 3:00 बजे खुलते हैं और भस्म आरती 3:00 से 5:00 तक होती है — और जिन सोमवारों को सवारी निकलती है, उन दिनों 2:30 से। यह व्यवस्था हर साल ज़िला प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर घोषित करते हैं, इसलिए नई सूचना आने तक 2026 के क्रम को अनुमान मानें।
निःशुल्क और शुल्क वाले विकल्प
आम दर्शन किसी भी समय निःशुल्क हैं। तीन चीज़ों का शुल्क है: भस्म आरती की बुकिंग, शीघ्र दर्शन का टिकट जो उसी दर्शन बिंदु तक छोटी क़तार देता है, और फ़रवरी 2026 से संध्या या शयन आरती में बैठने की जगह। इन आरतियों में खड़े होकर या चलित दर्शन निःशुल्क ही रहते हैं।
बंदी
मंदिर बंद रहने के दिनों की कोई तय सूची प्रकाशित नहीं होती। होता यह है कि ग्रहण या किसी विशेष अनुष्ठान के लिए थोड़े समय की बंदी कुछ दिन पहले आधिकारिक साइट पर घोषित की जाती है। ऐसी कोई सूचना होने पर वह इसी पृष्ठ पर सबसे ऊपर दिखेगी।
कब भीड़ कम, कब ज़्यादा
- कामकाजी दिन में लगभग 12:00 से 16:00 के बीच क़तार सबसे छोटी रहती है।
- सामान्य दिनों में सबसे ज़्यादा भीड़ सोमवार को; श्रावण का सोमवार तो अलग ही श्रेणी में है।
- महाशिवरात्रि और 1 जनवरी साल के दो सबसे भारी दिन हैं।
- अप्रैल से जून तक दोपहर बहुत कठिन होती है — महीनेवार मौसम देखें।
