अपडेट: 22 सितंबर 2026
भस्म आरती रोज़ सुबह 4:00 से 6:00 तक होती है। जगहें सीमित हैं, बुकिंग एक ही आधिकारिक पोर्टल से होती है, और अप्रैल 2026 से उज्जैन में वह काउंटर नहीं रहा जहाँ से निःशुल्क अनुमति मिलती थी।
दो बुकिंग विंडो
मंदिर दो चरणों में जगहें खोलता है, दोनों सुबह 8 बजे और दोनों में पहले आओ-पहले पाओ:
| विंडो | कब खुलती है | उदाहरण |
|---|---|---|
| अग्रिम | पिछले महीने की 1 तारीख़ को 08:00 बजे | पूरे अक्टूबर की बुकिंग 1 सितंबर को खुलती है |
| तत्काल | एक दिन पहले 08:00 बजे | 21 सितंबर की आरती के लिए विंडो 20 सितंबर को खुलती है |
बुकिंग shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर मोबाइल नंबर और ओटीपी से लॉगिन करके होती है। हर व्यक्ति के लिए पहचान पत्र ज़रूरी है, और अनुमति पर लिखा नाम उसी पहचान पत्र से मिलना चाहिए जो आप साथ ला रहे हैं।
पहले अग्रिम विंडो तीन महीने पहले खुलती थी; 2024 में यह बदलकर एक महीना हो गई। अगर कोई पृष्ठ नब्बे दिन पहले बुकिंग की बात कहता है, तो वह पुराना है।
शुल्क कितना है
पोर्टल शुल्क केवल लॉगिन के बाद दिखाता है, इसलिए हम इसे मूल स्रोत से उद्धृत नहीं कर सकते। अप्रैल 2026 के बदलाव पर लिखने वाले भारतीय अख़बार ऑनलाइन भस्म आरती बुकिंग के लिए ₹200 प्रति व्यक्ति बताते हैं। दो और शुल्क वाले विकल्प हैं, जो इससे अलग हैं: शीघ्र दर्शन का टिकट, जिसके लिए ₹250 बताया जाता है, और संध्या या शयन आरती में बैठने की जगह, वह भी ₹250, जो फ़रवरी 2026 में शुरू हुई। इन आरतियों में चलित दर्शन निःशुल्क ही रहते हैं।
तीनों आँकड़ों को “बताया गया” मानें, “पुष्ट” नहीं, और कहीं और भुगतान करने से पहले पोर्टल पर देख लें।
ऑफ़लाइन अनुमति अब नहीं मिलती
अप्रैल 2026 तक उज्जैन में एक दिन पहले काउंटर पर क़तार लगाकर निःशुल्क अनुमति ली जा सकती थी — रोज़ लगभग 300। वह काउंटर बंद कर दिया गया और उसका कोटा ऑनलाइन तत्काल विंडो में चला गया। जो कोई शुल्क लेकर स्थानीय स्तर पर अनुमति “दिलाने” की बात करे, उसका मंदिर से कोई संबंध नहीं है।
क्या पहनें
पुरुषों के लिए धोती या सोयला और महिलाओं के लिए साड़ी या सलवार सूट अपेक्षित है। आरती के प्रवेश पर इसका पालन कराया जाता है; मंदिर के आसपास की दुकानों पर ये वस्त्र किराए पर भी मिल जाते हैं।
बैठने की जगह कहाँ होती है
आरती गर्भगृह के बाहर वाले हॉल से देखी जाती है। भीतर कोई नहीं जाता — जुलाई 2023 से गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है, और जनवरी 2026 में सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। बुकिंग आपको आरती में जगह देती है, लिंग तक पहुँच नहीं।
श्रावण और शिवरात्रि में समय बदलता है
श्रावण और भादौ में पट पहले खुलते हैं: आरती 3:00 से 5:00 तक होती है, और सोमवार को 2:30 से 4:30 तक। महाशिवरात्रि पर सेहरा दर्शन के बाद एक अतिरिक्त दोपहर की भस्म आरती होती है — साल में यही एक मौक़ा है जब यह सुबह के समय से बाहर होती है। तारीख़ें कैलेंडर में देखें।
