महाकाल मंदिर उज्जैन
उज्जैन में श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर

महाकालेश्वर, उज्जैन: जाने से पहले जान लें

भस्म आरती की बुकिंग, दोनों मौसमों की आरती सारणी, सवारी की तारीख़ें, आपके शहर से दूरी और मंदिर के आसपास क्या है।

फ़ोटो: Ashverse, CC BY-SA 4.0

स्थानउज्जैन, मध्य प्रदेश

नज़दीकी रेलवे स्टेशनउज्जैन जंक्शन · 2.8 किमी

नज़दीकी हवाई अड्डाइंदौर विमानतल · 59.4 किमी

दर्शनभस्म आरती 4:00 · शयन आरती 22:30

उज्जैन में आज 23 सितंबर 2026

सूर्योदय की तिथिद्वादशी, शुक्ल पक्षभाद्रपद

सूर्योदय और सूर्यास्त06:14 · 18:23

आज आरती का समय (गर्मी की सारणी)04:00 · 07:00 · 10:00 · 19:00 · 22:30

अगला बड़ा दिनमहाकाल सवारी (कार्तिक–अगहन)16 नवंबर 2026 · 54 दिन बाद

अनुमानित भीड़शांत

दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग

महाकालेश्वर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं और अकेले ऐसे, जिनका लिंग दक्षिण की ओर मुख किए है। यह दिशा यम की और स्वयं काल की मानी जाती है — नाम भी वहीं से आता है: महाकाल, काल के स्वामी। उज्जैन भारतीय खगोल विज्ञान की मध्य रेखा पर बसा है, यानी यह नगरी बहुत लंबे समय से किसी न किसी रूप में समय नापती आ रही है।

आज आप जिस मंदिर में प्रवेश करते हैं, वह प्राचीन मंदिर नहीं है। 1235 में इल्तुतमिश के समय इसे ध्वस्त किया गया और अठारहवीं सदी में मराठों ने इसका पुनर्निर्माण कराया; बाद में सिंधिया परिवार ने इसमें और निर्माण जुड़वाए। गर्भगृह ज़मीन के तल से नीचे है, जहाँ सीढ़ियों से उतरकर पहुँचते हैं।

यहाँ की दिनचर्या में ख़ास क्या है

सुबह चार बजे पट भस्म आरती के लिए खुलते हैं, जिसमें लिंग पर पवित्र भस्म चढ़ाई जाती है। मंदिर प्रशासन के अनुसार यह अकेला शिवलिंग है जहाँ यह आरती रोज़ होती है, और अधिकांश श्रद्धालु अपनी यात्रा इसी के हिसाब से बनाते हैं। इसके लिए बुकिंग चाहिए और 2026 में नियम बदले हैं — पूरी प्रक्रिया भस्म आरती वाले पृष्ठ पर दी गई है।

दूसरी ज़रूरी बात: जुलाई 2023 से गर्भगृह आम श्रद्धालुओं के लिए बंद है। भीतर जाकर लिंग का स्पर्श कोई नहीं करता; दर्शन बाहर के हॉल से होते हैं, और कोई भी शुल्क वाला टिकट इसे नहीं बदलता।

सोमवार और सवारी

सोमवार शिव का दिन है, इसलिए सामान्य दिनों में सबसे ज़्यादा भीड़ सोमवार को रहती है। श्रावण मास में यह और बड़ा रूप ले लेता है: श्रावण और भादौ के हर सोमवार को भगवान सवारी के रूप में मंदिर से निकलते हैं, पुराने शहर से होते हुए राम घाट पर क्षिप्रा पूजन के लिए जाते हैं और लौटते हैं। सीज़न की आख़िरी शाही सवारी लंबे मार्ग से निकलती है और शिवरात्रि के बाद साल की सबसे बड़ी भीड़ खींचती है। आने वाले साल की सारी तारीख़ें हमारे कैलेंडर में हैं।

महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा
महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव की प्रतिमा · फ़ोटो: Anchal lilhare, CC BY-SA 4.0

यात्रा की तैयारी

मंदिर कहाँ है

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सवाल और जवाब

क्या मंदिर देखने के लिए कुछ बुक करना ज़रूरी है?
नहीं। आम दर्शन निःशुल्क हैं और किसी भी समय के लिए बुकिंग की ज़रूरत नहीं। केवल भस्म आरती, शुल्क वाली शीघ्र दर्शन क़तार और संध्या-शयन आरती में बैठने की जगह पहले से बुक होती है।
क्या गर्भगृह में जाकर लिंग का स्पर्श किया जा सकता है?
नहीं। जुलाई 2023 से गर्भगृह श्रद्धालुओं के लिए बंद है और दर्शन बाहर से होते हैं। जो वेबसाइटें शुल्क लेकर “गर्भगृह प्रवेश” देने की बात करती हैं, वे ऐसी चीज़ बेच रही हैं जो मंदिर देता ही नहीं।
उज्जैन का रेलवे स्टेशन और हवाई अड्डा कौन सा है?
उज्जैन जंक्शन मंदिर से लगभग 3 किमी है, आधे घंटे में पैदल भी पहुँचा जा सकता है। सबसे नज़दीकी हवाई अड्डा इंदौर है, सड़क से लगभग 60 किमी।
क्या यह मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट है?
नहीं। यह एक स्वतंत्र गाइड है। मंदिर समिति अपनी सूचनाएँ और सारी बुकिंग shrimahakaleshwar.mp.gov.in पर चलाती है।